एक हत्यारे का महिमा मंडन भारी पड़ा साध्वी पर खुद की पार्टी के दिग्गज खिसके पीछे

93

राष्ट्र के पिता के हत्यारे गोडसे का महिमा मंडन करते हुए राष्ट्रपिता के हत्यारे को देशभक्त बता कर देशभक्ति के नजरिये ही बदल दिए हैं सत्ता के गलियारों में सुर्ख़ियों में रहने के लिए लोग,नेता सभी व्यानबाजी करते हैं लेकिन हत्यारों की बयान बाजी करते हुए  खुद को सुर्ख़ियों और लोगों की नजरों में रखने के मंसूबे सिद्ध किये जाते हैं वही काम भोपाल लोकसभा से दिग्विजय सिंह के खिलाप  लड़ रही चुनाव साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने  गाँधी जी के हत्यारे के समर्थन में जो व्यान बाजी की उस से आज पूरा देश एक महात्मा की तुलना में नाथू राम गोडसे को देस भक्त बताकर ये सिद्ध कर दिया की इनके आदर्श कौन हैं 

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान से नरेंद्र मोदी जी भी नाराज हो गए और इनको कभी माफ़ न करने की बात कर रहे हैं वहीँ मशहूर कवी कुमार विश्वाश ने भी अपने शब्दों में इनका विरोध करते हुए कहा की “1000 शाल की ग़ुलामी के बाद बलिदानो में मिली आज़ादी अगर हत्याओं व हत्यारों के महिमा मंडन  करने उन्हें न्याय संगत बताने में अगर बीत रही हे , अगर घृणा में लिपटे हम मर कट रहे हैं तो भविस्य स्वाधीनता को अयोग्य हातो में  समझकर बापस भी ले सकता हे। दल नेता विचार के बंधकों के अलावा हर भारतीय सोचे तथा आखिर मे कुमार विस्वाश ने चौधरी मदन मोहन की  कुछ पंक्तियों से बोल दिया की ” गांधी होने में उम्र लगती हे गोडसे तो एक पल में बन सकते हैं “

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.