किसान की बात किसान के साथ करने किसान हितेषी ,धर्म मुक्त ,थाई मुक्त सुद्ध विचारधारा के साथ श्री विजेंद्र कसाना जी मैदान में आगये हैं जानिये और खाश मुद्दे

42

“दुनिया के मेहनतकशों एक हो जाओ आज बहुत खतरे हैं पूंजीवाद के।जोर से बोलो कौमी समाजवाद”

फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से भारतीय किसान पार्टी के उम्मीद्वार और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजेंद्र कसाना ने सोशल मीडिया के दौर में चुनाव को जीरो बजट पे लाये जाने पर जोर दिया ।उनका कहना है कि जिस दिन उम्मीदवारों का पर्चा फाइनल हो ऑब्ज़र्वर की अध्यक्षता में सारे उम्मीदवारों को दस – दस मिनट का वक्त दे दिया जाये और सारे चैनल और प्रिंट मीडिया वहां हों और उम्मीद्वार के मुद्दों को लाइव दिखाया जाए अगले ही दिन या फिर 2 या 3 दिन के अंदर तुरन्त चुनाव करवाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद शाम को उसी बूथ पे गिनती करके एजेंट के हस्ताक्षर से एक स्लिप मशीन के साथ नत्थी कर दी जाए और एक स्लिप मीडिया को दे दी जाए और अगले ही दिन गिनती कर परिणाम भी घोषित कर दिया दिया जाना चाहिए । कसाना जी का मानना है कि चुनाव का 5,6, या 7 चरण में करवाने का कोई औचित्य नहीं जबकि ये एक ही दिन में सम्भव है। ज्यादा घुमाने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि लोकल प्रशासन सब जगह है। धांधली की कोशिश हो तो सीधे गोली मारने के आदेश किये जाने चाहियें। साथ ही सिम्बल भी खत्म किया जाना चाहिए उम्मीद्वार के फोटो से बेहतर कोई सिम्बल नही। सबके नाम अल्फाबेट के अनुसार लिखे जाने चाहियें ।बड़ी पार्टी ,छोटी पार्टी , और आज़ाद उम्मीद्ववार यह तमाशा बन्द किया जाना चाहिए । संसद की सीट बढ़ाकर 3000 कर देनी चाहियें। आखिर 1971 को आधार मान कर कब तक चला जायेगा..?चुनाव में नॉमिनेशन की फीस 50000 कर दी जाये। सब कागज उम्मीदवार को सरकार द्वारा तैयार करके दिए जाने चाहिएं ताकि फिर ये न हो कि 16 रुपया जमा करो प्रमाणित वोटर लिस्ट के नाम पर।बिना भय के फेयर चुनाव हों और सबको चुनावी मैदान में खेलने को समान अवसर मिले । उन्होंने आगे कहा कि संसद में कौम के आधार पे हर कौम की सीट फिक्स की जानी चाहिएं। इस से मालदारों का दखल खत्म होगा और सांसद का वी आई पी स्टेटस भी खत्म होगा । साथ ही उन्होंने मालदारों को सांसद के तौर पर मिलने वाले किसी भी तरह के भत्ते को खत्म करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि राजनीति सेवा का जरिया है तो इसे धंधा नहीं बनाना चाहिए इसे सेवाकार्य की तरह ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा हो गया तो चुनाव 70 लाख में नही 50000 में ही सम्पन्न हो जाएंगे।कसाना जी की गिनती देश के जाने माने बुद्धिजीवियों में होती है। उनके 200 से ज्यादा लेख प्रकाशित हो चुके हैं और वो विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर 100 से ज्यादा टीवी डिबेट में बतौर पैनलिस्ट हिस्सा ले चुके हैं। कसाना जी अपनी 25 साल की वकालत में 18 साल सरकारी सेवा में रहे जिसमें 3 साल सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग कॉन्सल रहे हैं ।बेशर्मो 1857 से 1947 तक एक करोड़ शहादत हमने दी और जब आज़ादी आयी तो हिन्दू मुस्लिम हिन्दू मुस्लिम खेल रहे हो। क्या देश के बंटवारे के वक्त आपने जो हिन्दू मुस्लिम हिन्दू मुस्लिम खेला और उसकी परिणीति में साढ़े आठ लाख कत्ल हुए और बहन बेटियों की इज्जत जार जार हुई उस से आप का पेट नही भरा।आखिर कुछ तो शर्म बची होगी आखिर मेरे इस मुल्क से आपको इतनी नफरत क्यों है।आप की विचार धारा से यह मुल्क पहले ही खण्ड खण्ड है और आप बात अखंड भारत और रास्त्र भक्ति की करते हो। आप दिल पर हाथ रख कर सोचिये आखिर इस मुल्क को तवाह करके क्या मिलेगा। कुछ झूट जो आप फेल रहे हैं।(1) मुस्लिम 14%से हिन्दू80%को खतरा है। दुनिया का बड़ा झूट।कलम की ताकत सत्ता की ताकत आर्थिक ताकत फ़ौज की ताकत राजनीतिक ताकत में से कोन सी ताकत मुस्लिम के पास है। मुस्लिम 4 शादी करते हैं इसलिए आने वाले 20 या 30 साल में इनकी आबादी बहुत बढ़ जायेगी।अरे मण्द बुद्धियों पहले तो हिन्दू में मुस्लिम से जियादा एक से जियादा शादी मिली ।मान भी लें सारे मुस्लिम की 4 शादी हैं ।अब गौर करो मुस्लिम में आधे आदमी आधी महिला हैं ।अब एक आदमी ने 4 महिलाओं से शादी की या एक आदमी एक महिला से शादी करे महिला का नंबर तो निश्चित ही होगा।यह बात इस देश के नकली राष्ट्र भक्तों को नही आयी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.