मध्यप्रदेश में 10 वर्ष की लड़की से बलात्कार कर के दबाया गला जाने पूरा सच कितने घिनोने मामले

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भोपाल:भारत में  बढ़ती हुयी औरतों की अनदेखी के मामले देश की बदनामी राष्ट्रीय स्तर पर हो रही हे लगातार बढ़ती हुयी बलात्कार के मामले ने देश दुनिया में भारत को अनसेफ कर दिया हे   एक नया मामला सामने आया हे 

मध्यप्रदेश के कटनी जिले से जिसमे 10 वर्षीय एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर देने का मामला सामने आया है. घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा रविवार को बताया कि खितौली पुलिस चौकी क्षेत्र के एक गांव में 10 वर्षीय एक लड़की अपने घर से 28 फरवरी की शाम निकली थी और रात तक वापस घर नहीं लौटी. एक मार्च को परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिली. आस पास से फिर कड़ी जानकारी जुटाने के बाद शनिवार को एक गोबर गैस संयंत्र की टंकी से लड़की का शव बरामद किया गया.मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लड़की से दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या की गई. एएसपी ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉस्को कानून के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बता दें कि एमपी में इस तरह का यह कोई पहला मौका नहीं है. इससे पहले मध्य प्रदेश में 4 साल की बच्ची के रेप के दोषी विनोद की फांसी की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी. कोर्ट ने दोषी विनोद की याचिका पर मध्यप्रदेश सरकार को नॉटिस जारी कर जवाब मांगा. इसी साल 9 अगस्त को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दोषी विनोद की फांसी की सजा बरकरार रखी थी. विनोद ने 13 मई 2017 को 4 साल की बच्ची के साथ रेप किया था और बाद में उसकी हत्या कर थी. विनोद को शहडोल की निचली अदालत ने इसी साल 28 फ़रवरी को फांसी की सजा सुनाई थी. जिसके ख़िलाफ़ विनोद ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा को बरकरार रखा था.इन न्रर प्रेतों के लिए तो मौत से भी भयानक कोई सजा हो तो बो मिलनी चाहिए जिस से इन नर पिशाचों की मानसिक बेदना पर लगाम लगाई जा सके आपको बता दें कि पिछले वर्ष भी मध्य प्रदेश के मंदसौर में 8 साल की बच्ची के रेप के मामले में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. अदालत ने दोनों ही आरोपियों को इस मामले में मौत की सजा सुनाई थी. मामला 26 जून का है जब इरफान और आसिफ नाम के दो लोगों ने स्कूल से बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया था और उसकी हत्या की कोशिश भी की थी. कोर्ट ने इस मामले में मात्र 56 दिनों में ट्रायल पूरा कर आरोपियों की सजा सुनाई थी. विशेष न्यायालय की न्यायाधीश निशा गुप्ता ने आठ वर्षीय स्कूली छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने के मामले में इरफान ऊर्फ भैयू (20) एवं आसिफ (24) को संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई 

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